Poem on sri ram

राम नाम इक तेरा भाये मोहे,
राम नाम इक तेरा।
श्री राम जय राम।
छवि देख देख मन मुस्काये,
सिया रूप धरि आये।
मन सिया रूप धरि आये।
मन काहे तू भरमाये।
राम नाम इक तेरा भाये मोहे,
राम नाम इक तेरा।
श्री राम जय राम।
जुगत जगत की हम नही जाने,
सूर्यकोटि प्रभा तुम्हरी पाये
चरण कमल धूल रचित है।
कैसे हम बिसराये छवि तेरी।
राम नाम इक तेरा भाये मोहे,
राम नाम इक तेरा।
श्री राम जय राम।
भव्य दिव्य अनमोल रतन तुम,
जुड़ना हमे क्यूँ न आये
तन मिटता ही जाए अब तन
मिटता ही जाए।
राम नाम इक तेरा भाये मोहे,
राम नाम इक तेरा।
श्री राम जय राम।
By sujata mishra
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