Poem on Lord Shiv

हे शिवशम्भू शक्ति आप ही आत्मा हो मेरी
हे शिवे शक्ति आप ही बनो मेरी बुद्धी
हे शिवम शक्ति आपके गण है मेरी शक्ति
हे शिवोहम शक्ति मन से जुड़ी हो भक्ति
हे शिवाय शक्ति आप ही हो प्राण प्रथी
हे शिवांकर शक्ति तन बने आप का मन्दिर
हे शिव शक्ति प्रदक्षिणा हो जो चलूँ फिरूँ कहीं
है शिवा शक्ति जो कर्म करू बन जाये भक्ति
शीशगंगा चंद्रधराय जटा जूट रुद्राभिषेकाये
नमामि त्वं शिवाय शिव शम्भू अर्धशक्ति मूलाये।
By sujata mishra
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