poem friends family

एक चिड़ियाँ जब नन्हे 2 पर लेके संसार में आई। कठोर सी जमीन कठोर से दरख़्त को देख मुस्काई। चारों ओर अपने परिजनों को देखा। एक नए संसार में आ नए ईश्वर से मिलना। सब जो सामने नजर आए सब में ईश्वर की विस्मृति पाई।
सभी खुश और खुशियों की प्रहर।
जब कोमल पर और बढ़े, गगन की ऊंचाइयों से मन लड़े।
फीके लगे रिश्ते, वह सभी स्वजन, जो थे कभी ईश्वर सम।
खुद से परों को मजबूत किया? या सबके खून से उसे बढ़ाया।
नासमझ था, प्यार न समझ पाया, छोड़ प्यार का घोसला गगन में फड़फड़ाया।
दूर निकल वह खुद पर इतराया।
अपनी सफलताओं के लिए हर बन्धन झुठलाया।
नही किसी की जरूरत थी, नही कोई फिक्र थी।
दूर गगन में इतना उड़ा, थक गया वह चूर हुआ।
नीचे आना न था उसे पर पंखों से मजबूर हुआ।
नीचे कोई न था थामने वाला, प्यार की शक्ति से पालने वाला।
प्यार पाने के लिए प्यार ही आश है बचने और बचाने के लिए।
By sujata Mishra
#Love your #family #friends #country #desh

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