Vivid Techno: Hindi poem - हर रोज सिपाही की ख़ामोशी

Vivid Techno: Hindi poem - हर रोज सिपाही की ख़ामोशी: हर रोज सिपाही की ख़ामोशी  कब तक हम स्वीकार करे। आओ सब मिलकर भारत में इसका हम प्रतिकार करे। यूँ बलिदानों की भूमि भी  रक्तरंजित हो जाती है। जै...

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