इतने अच्छे पोस्ट, आर्टिकल, पोयम आदि पढ़कर भी, मन नियंत्रित नही होता। एक पल में ललचा कर फिर वही करता है जो, अच्छे पोस्ट,आर्टिकल,पोयम आदि में मना होता है। एक छोटा घड़ा अपने पेट को इतना बड़ा देखकर बोला लगता है सारे समुंदर का पानी मुझमे ही भर देंगे। एक बड़ा घड़ा अपना बड़ा सा मुंह देखकर बोला मेरा सब खाया पिया एक बार में ही मेरे मुंह से उलट देंगे। और कुम्हार ये छोटा घड़ा बैलेंस न कर पाने पर और बड़ा पानी फैलाने पर जल्द ही फेंक दिया जायेगा। और लोग फिर आएंगे एक नए घड़े की तलाश में। By sujata mishra
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